केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्यापन मंत्री तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में भारतीय औषधि संहिता 2026 (Indian Pharmacopoeia 2026 – IP 2026) का 10वां संस्करण जारी किया। यह भारत की दवा गुणवत्ता, सुरक्षा और नियामक मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

- भारतीय औषधि संहिता क्या है?
- भारतीय औषधि संहिता (IP) देश में दवाओं के लिए आधिकारिक मानक पुस्तक है, जो Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत प्रकाशित की जाती है। यह दवाओं की पहचान, शुद्धता, शक्ति और गुणवत्ता के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी मानक निर्धारित करती है। Indian Pharmacopoeia Commission (IPC) द्वारा तैयार यह संहिता भारत की फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री का आधार स्तंभ है और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख को दर्शाती है।
- IP 2026 के प्रमुख विशेषताएं और उपलब्धियां
- इस नए संस्करण में 121 नए मोनोग्राफ जोड़े गए हैं, जिससे कुल मोनोग्राफ की संख्या बढ़कर 3,340 हो गई है। इन नए मानकों से निम्नलिखित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कवरेज काफी मजबूत हुई है:
- एंटी-ट्यूबरकुलर (क्षय रोग विरोधी) दवाएं
- एंटी-डायबिटिक (मधुमेह विरोधी) दवाएं
- एंटी-कैंसर (कैंसर विरोधी) दवाएं
- आयरन सप्लीमेंट्स (राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उपयोग होने वाली दवाएं)
- इसके अलावा, एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में पहली बार 20 ब्लड कंपोनेंट मोनोग्राफ शामिल किए गए हैं, जो ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन से संबंधित हैं। यह Drugs and Cosmetics (Second Amendment) Rules, 2020 के अनुरूप है और रक्त आधान से जुड़ी सुरक्षा को बढ़ावा देगा।
- फार्माकोविजिलेंस में भारत की उन्नति
- श्री नड्डा ने इस अवसर पर Pharmacovigilance Programme of India (PvPI) की सराहना की। भारत ने 2009-2014 में WHO के ग्लोबल फार्माकोविजिलेंस डेटाबेस में 123वें स्थान से सुधार कर 2025 में 8वें स्थान पर पहुंचकर वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत स्थिति साबित की है।
- उन्होंने कहा कि भारतीय औषधि संहिता के मानक अब 19 ग्लोबल साउथ देशों में मान्यता प्राप्त हो चुके हैं। यह भारत की हेल्थ डिप्लोमेसी और फार्मा सेक्टर में बढ़ती वैश्विक नेतृत्व की स्पष्ट मिसाल है।
- मंत्री जी का संदेश
- कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री जे.पी. नड्डा ने कहा:
- “भारतीय औषधि संहिता 2026 वैज्ञानिक प्रगति, वैश्विक सर्वोत्तम अभ्यासों और भारत की फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ती नेतृत्व क्षमता का प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार स्वास्थ्य सुधारों, नियामक पारदर्शिता और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। यह संस्करण दवा गुणवत्ता, मरीज सुरक्षा और वैश्विक विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा।”
- संघ स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुन्या सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि विज्ञान-आधारित और नियमित रूप से अपडेट होने वाली फार्माकोपिया सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करती है।
FAQs:
- 1. भारतीय फार्माकोपिया (IP) क्या है?
- भारतीय फार्माकोपिया भारत में दवाओं के लिए आधिकारिक मानक की किताब है। यह Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत बनाई जाती है और दवाओं (API, एक्सीपिएंट्स, फॉर्मूलेशन) की पहचान, शुद्धता, ताकत और सुरक्षा के नियम तय करती है। IPC (Indian Pharmacopoeia Commission) इसे अपडेट करती है।
- 2. IP 2026 का 10वां संस्करण कब और किसने लॉन्च किया?
- 2 जनवरी 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने इसे लॉन्च किया। यह IPC (Ghaziabad) द्वारा तैयार किया गया है।
- 3. IP 2026 में क्या नया है?
- 121 नए मोनोग्राफ जोड़े गए, कुल मोनोग्राफ अब 3,340 हो गए।एंटी-टीबी, एंटी-डायबिटिक, एंटी-कैंसर दवाओं और आयरन सप्लीमेंट्स के मानक मजबूत किए गए।पहली बार 20 ब्लड कंपोनेंट मोनोग्राफ (ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन से जुड़े) शामिल किए गए, जो Drugs and Cosmetics (Second Amendment) Rules, 2020 के अनुसार हैं।वैज्ञानिक प्रगति, ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस और भारत की फार्मा लीडरशिप को दर्शाता है।
- 4. IP 2026 भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
- यह दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों (जैसे TB, डायबिटीज कैंसर) में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के मानक बेहतर होते हैं। भारत की फार्माकोविजिलेंस रैंकिंग 2009-14 में 123वें से 2025 में 8वें स्थान पर पहुंची। IP स्टैंडर्ड्स अब 19 ग्लोबल साउथ देशों में मान्य हैं, जो भारत की हेल्थ डिप्लोमेसी को मजबूत करता है।
- 5. IP 2026 में फार्माकोविजिलेंस का क्या रोल है?
- IP 2026 भारत की मजबूत फार्माकोविजिलेंस सिस्टम को सपोर्ट करता है, जहां भारत WHO डेटाबेस में 8वें स्थान पर है। यह मरीजों की सुरक्षा, ट्रांसपेरेंसी और क्वालिटी असुरेंस पर फोकस करता है।
- 6. IP 2026 किसके लिए फायदेमंद है?
- फार्मा कंपनियों: दवा बनाने के लिए सख्त मानक।डॉक्टरों/मरीजों: सुरक्षित और प्रभावी दवाएं।सरकार: राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में बेहतर दवाएं।ग्लोबल मार्केट: भारत की फार्मा एक्सपोर्ट्स मजबूत।
- 7. IP 2026 कब से लागू होगा?
- लॉन्च के बाद यह तुरंत प्रभावी है। फार्मा इंडस्ट्री को नए मानकों के अनुसार दवाएं बनानी होंगी। IPC इसे नियमित अपडेट करता रहेगा।


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